अब घर बैठे चढ़ाईए भारत के सभी मन्दिर में प्रसाद

इस दुनिया में जो खुशी और सुकून इंसान को पूरी श्रद्धा और भक्ति से भगवान को याद करने मिलने में मिलती है वो किसी और माध्यम से प्राप्त नहीं हो सकती | आज की इस तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में लोगों के मन में आस्था और श्रद्धा तो बरकरार है लेकिन हर अवसर पर मन्दिर जाकर साक्षात प्रभु के दर्शन करने का समय नहीं | इसी बात को ध्यान में रखते हुए बिरला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बिट्स), पिलानी के छात्र रह चुके गुंजन मॉल ने एक ई-कॉमर्स वेबसाईट बनायी है – www.onlineprasad.com | तो अगर किसी कारणवश आप अपने ईष्ट देव को मन्दिर जाकर प्रसाद चढ़ाने नहीं जा पाते तो यह वेबसाईट आपके इच्छानुसार मन्दिर में न सिर्फ आपकी ओर से प्रसाद चढ़ाएगी बल्कि उसे अच्छे से पैक कर कोरियर के माध्यम से आपके घर भी पहुँचाएगी |
इस वेबसाईट को बनाने का ख्याल गुंजन को तब आया जब पिछले सितम्बर वे अपने परिवार के साथ देशनोक स्थित राजस्थान के प्रसिद्द करनी माता मन्दिर गए | श्रद्धालुओं की इतनी लंबी कतार देखकर उनके दिमाग में ये विचार आया कि क्यों न एक ऐसी सुविधा बनायी जाए जिससे लोग घर बैठे ही ईश्वर से अपना पवित्र रिश्ता बरक़रार रख सकें | और इस प्रकार आपके और आपके ईश्वर के बीच आस्था की डोर बनी यह वेबसाईट इस नववर्ष के शुभ अवसर पर लॉन्च हुई |
जहाँ ज़्यादातर लोग आज अपना स्टार्ट-अप करने से पहले बिज़नेस प्लान लिखते हैं और उद्यम पूँजीवादी या निवेशक ढूंढते हैं वहीं गुंजन ने बिना किसी निवेशक के अपने बल पर इसकी शुरुआत की | गुंजन के इस प्रयास में उनका साथ दे रहे हैं उनके पिता, श्री सुशील कुमार मॉल जिनके पास 20 वर्ष से भी अधिक का व्यावसायिक अनुभव है | इसके अलावा उनके मित्र पार्था व प्रतीक नयी योजना बनाने व सोशल मीडिया पर उनकी पहुँच बढ़ाने में मदद कर रहे हैं | साक्षी व निशांक, जो उनके साथ इन छुट्टियों में इंटर्नशिप कर रहे हैं, मार्केट रिसर्च, ब्लॉग बनाने व मार्केटिंग करने में उनकी सहायता कर रहे हैं |
इस अनूठी पहल में अब तक 250 से अधिक लोग घर बैठे अपने मनपसंद मन्दिर में प्रसाद चढा चुके हैं | एकादशी, अमावस्या व अन्य तीज त्योहारों के अलावा लोगों ने जन्मदिन, शादी व अन्य पावन अवसरों पर प्रसाद चढ़ाकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया | इन्हीं लोगों में से एक, पश्चिम बंगाल स्थित आसनसोल निवासी मधुसुधन लोयाल्का जी का कहना था “मैं प्रतिवर्ष अपने जन्मदिन पर पार्टी करने में हज़ारों रुप्ये खर्च कर देता था | लेकिन इस वर्ष Online Prasad के माध्यम से अपने जन्मदिन पर खाटूश्यामजी, सालासर व झुंझुनू में प्रसाद चढ़ाकर जो आतंरिक सुख की अनुभूति मुझे वह अतुलनीय है |” गुडगाँव में कार्यरत मैरिना लिस्यक ने तो अपने ऑफिस के सभी सहकर्मियों को भी प्रसाद खिलाया | उनके अनुसार “प्रसाद, उसको पैक करने का ढंग और उसकी डिलीवरी, तीनों ही शानदार थे |” अमेरिका में रहने वाले संजीव मोहन ने अपने माता पिता की शादी की सालगिरह पर श्रीनाथजी का प्रसाद अपने घर कलकत्ता भिजवा दिया | “मेरे माता-पिता श्रीनाथजी के बहुत बड़े भक्त हैं | इस उम्र में इतनी दूर नाथद्वारा जाना उनके लिए संभव नहीं था | लेकिन ऑनलाइन प्रसाद के माध्यम से जब अपनी शादी की सालगिरह पर उन्हें श्रीनाथजी का प्रसाद मिला तो उन्हें अत्यंत खुशी हुई |”
OnlinePrasad पर इस समय देश के नौ मुख्य मन्दिर – जगन्नाथ पुरी, शिरडी साईं मन्दिर, तिरुपति बालाजी मन्दिर, शनि शिंगनापुर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, सालासर बालाजी, रानी सती झुंझुनू, करनी माता देशनोक व रामदेवरा के मन्दिर पर प्रसाद चढ़ाने की सुविधा उपलब्ध है | और मन्दिर के जोड़ने के बारे में गुंजन कहते हैं “हम ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को उनकी आस्था से जोड़ने के लिए अधिक से अधिक मन्दिर जोड़ने के लिए नियमित रूप से प्रयासरत हैं | जल्द ही वैष्णो देवी व अन्य मन्दिर हमारी सूची में शामिल होंगे |” उनकी आगे की योजना के बारे में उन्होंने बताया कि वे इस वेबसाईट को सभी हिंदुओं के लिए वन-स्टॉप धार्मिक पोर्टल बनाना चाहते हैं | “फ़िर चाहें आपको आने वाले तिथि-त्योहारों व उनसे जुड़े रस्म और रिवाज़ों के जानकारी चाहिए हो या इन त्योहारों पर मन्दिर में प्रसाद चढ़ाना हो, घर पर जागरण, कीर्तन या कोई धार्मिक कार्यक्रम कराना हो या फ़िर भारत के प्रसिद्द मन्दिर जाने के लिए यात्रा में सहायता, हमारी वेबसाईट हर प्रकार से आपकी मदद करेगी |”
भारत जैसे देश में जहाँ लोग पूरे साल भर नियमित रूप से मन्दिर जाते हैं, और अब जब भारत में ई-कॉमर्स सेवा का प्रचलन काफ़ी बढ़ गया है, हमें पूरा विश्वास है कि ऑनलाइन प्रसाद सभी श्रद्धालुओं के जीवन में एक नया अनुभव लेकर आएगा |

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