'पॉयलट्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया – ऑनलाइन प्रसाद', दैनिक जागरण, 25th Sep '13

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घर बैठे पाएं प्रसाद

न्यूयॉर्क में रह रहे डॉ. अशोक कई साल से इंडिया आने की प्लानिंग कर रहे थे, ताकि शिरडी में साई बाबा के दर्शन कर सकें, लेकिन हर बार ट्रिप फेल हो जाता। एक दिन इंटरनेट पर कुछ सर्च करते टाइम, उनके सामने ऑनलाइन प्रसाद डॉट कॉम साइट आई। देखते ही मुंह से निकल पडा, व्हॉट एन आइडिया। फिर क्या था, डॉ.अशोक ने पोर्टल को कॉन्टैक्ट किया और पांच से छह दिन में उनके पास शिरडी का प्रसाद पहुंच गया। चौंक गए, लेकिन यह रिएलिटी है। बिट्स पिलानी के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट गुंजन मॉल ने फेथ और टेक्नोलॉजी को कम्बाइन कर ऑनलाइन प्रसाद डॉट कॉम बनाया है।

प्रसाद लेना नहीं रहा टफ

ऑनलाइन प्रसाद डॉट कॉम के फाउंडर और सीईओ गुंजन मॉल ने बताया कि 2011 के नवरात्र के दौरान वह अपने नेटिव विलेज देशनोक गए हुए थे। वहीं से करणी माता के मंदिर में दर्शन के लिए जाना हुआ। मंदिर में घंटों लाइन में खडे होने के बाद कहीं जाकर दर्शन हो पाया और वे प्रसाद चढा पाए। गुंजन कहते हैं, ऐसा लगा कि जिस तरह से रिलीजन में लोगों का फेथ बढ रहा है, उस हिसाब से मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन श्रद्धालुओं की भीड को कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। नतीजतन दर्शन करना और प्रसाद लेना दिनोंदिन चैलेंजिंग होता जा रहा है। तभी मैंने डिसाइड किया कि एक ऐसा पोर्टल होना चाहिए, जो इस प्रॉब्लम को सॉल्व कर सके। मैंने लोगों से बात की। सबको कॉन्सेप्ट पसंद आया और मैंने जनवरी 2012 में वेबसाइट लॉन्च कर दी।

ट्रस्ट डेवलपमेंट था चैलेंज

गुंजन उस समय बेन एंड कंपनी में सीनियर कंसलटेंट के तौर पर काम कर रहे थे। अच्छी सैलरी थी, तो उसे ही इस वेंचर में इनवेस्ट किया, लेकिन फिर कंपनी से रिजाइन कर फुलफ्लेच्ड इसमें लग गया। पहला प्रसाद झुंझूनू के रानी सती मंदिर में चढाया गया और फिर उसे कुछ कस्टमर्स को डिलीवर किया गया। शुरू में लोगों को प्रसाद की ऑथेंटिसिटी पर विश्वास नहीं हो पा रहा था, लेकिन जब फेसबुक पेज पर मंदिर और प्रसाद की फोटो पब्लिश की गई, तो लोग बिलीव करने लगे।

पूजा-हवन भी हुआ इजी

आज इंडिया के 50 से ज्यादा बडे मंदिरों के प्रसाद ऑनलाइन प्रसाद डॉट कॉम के जरिए मंगाए जा सकते हैं। आम दिनों के अलावा उत्सव स्पेशल प्रसाद भी घर बैठे हासिल किए जा सकते हैं, यानी मंदिरों में धक्के खाने की जरूरत नहीं पडेगी। अगर जाने में असमर्थ हों या टाइम न हो, फिर भी मां वैष्णो देवी, झझूनूु माता जैसे कई और मंदिरों का प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रसाद डॉट कॉम की कुछ और स्पेशिएलिटीज भी हैं। अगर किसी को अपने पूर्वज का श्राद्ध करवाना हो, ब्राह्मणों को भोज करवाना हो या किसी मंदिर में चढावा चढाना हो तो सीधे वेबसाइट से कंसल्ट करें। आपका काम हो जाएगा। वहीं, अगर किसी को रुद्राक्ष पहनना हो, लेकिन समझ नहीं पा रहे कि कहां से खरीदें तो इस पोर्टल से कॉन्टैक्ट कर सकते हैं। यहां हर मायने में सर्टिफाइड रुद्राक्ष आपको मिल जाएंगे। गुंजन कहते हैं कि अप्रैल 2013 से उन्होंने ये पैकेजेज देने शुरू किए और आज इसका काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फेसबुक पेज पर इसके फैन फॉलोअर्स की संख्या बढती ही जा रही है क्योंकि लोग घर बैठे ही ईश्वर का आशीर्वाद हासिल करके ले रहे। प्रसाद पा ले रहे हैं।

अजमेर शरीफ होगा ऑनलाइन

गुंजन कहते हैं कि उनकी टीम में 11 फुलटाइम एम्प्लाइज हैं और 40-50 पार्ट टाइमर्स हैं। ये लोग कस्टमर की डिमांड पर मंदिर में प्रसाद चढाते हैं और फिर उन्हें घर पर डिलीवर किया जाता है। अगर कस्टमर्स की बात करें, तो इंडिया के अलावा यूएस और सिंगापुर से लोग प्रसाद मंगाते हैं। इनमें एनआरआई की संख्या अच्छी-खासी होती है। अपने फ्यूचर प्लांस के बारे में वे बताते हैं कि इंडिया के बाकी मंदिरों के प्रसाद भी श्रद्धालुओं को पहुंचाना चाहते हैं। इसके अलावा, वे अजमेर शरीफ से भी लोगों को ऑनलाइन जोडने की कोशिश में हैं। यानी गुंजन हर फेथ के लोगों को साथ लेकर चलने में बिलीव करते हैं।

Founder: Goonjan Mall Age: 25 Education:Graduation from BITS Pilani.Worked with Bain And Company.

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Read online: http://www.jagran.com/josh/career-6350JJ.html

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